
Today's Updesh
किसी विषय का हमारा ज्ञान तब तक परिपूर्ण नहीं हो सकता जब तक कि हम उसे परम्परा से प्राप्त न करें। इसे भगवदगीता में स्वीकार किया गया है।
श्री श्रीमद् भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज
श्री श्रीमद् भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज का संक्षिप्त परिचय
‘ऊदाहरण उपदेश से श्रेष्ठ है’ – यही आपकी प्रचार-शैली थी। जो कोई भी आपके श्रेष्ठ व्यक्तित्व के संपर्क में आया उसने आपकी जीवों के प्रति करुणा, पूर्ण वैराग्य, पूर्ण सहिष्णुता, गहन आध्यात्मिक आनंद, श्री गुरु में अनन्य विश्वास और श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रति पूर्ण भक्ति एवं समर्पण के भाव को स्पष्ट रूप से देखा। आप शास्त्रों के सिद्धांतों से बिंदुमात्र भी विचलित न होने के लिए जाने जाते हैं। आपके सभी के प्रति अनुरागशील स्वभाव और गुरु-वैष्णवों की सेवा के प्रति समर्पण जैसे गुणों के लिए आप कई गौड़ीय संस्थाओं के आचार्यों के लिए आदर्श हैं।
आज की तिथि - April 10, 2026
❅───✧ Harikatha ✧───❅
❅───✧ Aacharya ✧───❅
❅───✧ Article ✧───❅
❅───✧ Letters ✧───❅
❅───✧ Blogs ✧───❅
Gaudiya kanthahara
"इस अपार दुःख सागर को पार करने का एकमात्र उपाय सम्पूर्ण रूप से श्रीगुरु के चरण-कमलों में शरणागत होना है।"
भक्ति-रस का आस्वादन करने के लिये दो वस्तुओं का होना अनिवार्य है- एक सिद्ध वक्ता एवं दूसरा निष्कपट जिज्ञासु श्रोता। हमारी इस रस को अनुभव करने की असमर्थता का एकमात्र कारण इन दोनों में किसी एक वस्तु का अभाव है। इस प्रकार की वास्तविक, अप्राकृत अनुभूति मात्र कृत्रिम अनुकरण के द्वारा कदापि प्राप्त नहीं हो सकती।
श्रीमद्भक्तिकुमुद सन्त गोस्वामी महाराज
अप्रैल 13, 2026
वरुथिनी एकादशी का व्रत।
अप्रैल 14, 2026
द्वादशी , प्रातः 9:33 से पहले पारण।