
Today's Updesh
कर्मफल के नियंता भगवान स्वयं हैं। जब हम अपने दुःख के लिए अन्य किसी को दोष देते हैं तो हिमालय-सम महत् भूल करते हैं।
श्रील भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज
श्री श्रीमद् भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज का संक्षिप्त परिचय
‘ऊदाहरण उपदेश से श्रेष्ठ है’ – यही आपकी प्रचार-शैली थी। जो कोई भी आपके श्रेष्ठ व्यक्तित्व के संपर्क में आया उसने आपकी जीवों के प्रति करुणा, पूर्ण वैराग्य, पूर्ण सहिष्णुता, गहन आध्यात्मिक आनंद, श्री गुरु में अनन्य विश्वास और श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रति पूर्ण भक्ति एवं समर्पण के भाव को स्पष्ट रूप से देखा। आप शास्त्रों के सिद्धांतों से बिंदुमात्र भी विचलित न होने के लिए जाने जाते हैं। आपके सभी के प्रति अनुरागशील स्वभाव और गुरु-वैष्णवों की सेवा के प्रति समर्पण जैसे गुणों के लिए आप कई गौड़ीय संस्थाओं के आचार्यों के लिए आदर्श हैं।
आज की तिथि - April 12, 2026
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Gaudiya kanthahara
हरिनाम भगवान् को वशीभूत करने में समर्थ है-
ऋणमेतत् प्रवृद्ध मे हृदयान्नापसर्पति।
यदेगोविन्देति चुक्रोश कृष्णा मां दूरवासिनम् ।।
(महाभारत)
बहुत ही दूर रहने के कारण द्रौपदी ने मुझे जोर से ‘हे गोविन्द’ कहकर पुकारा था। उसकी कातर पुकार का मुझ पर बहुत बड़ा ऋण हो गया, जो आज भी मेरे ह्रदय से उतर नहीं रहा है
अप्रैल 13, 2026
वरुथिनी एकादशी का व्रत।
अप्रैल 14, 2026
द्वादशी , प्रातः 9:33 से पहले पारण।