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श्रील भक्ति सिद्धान्त सरस्वती गोस्वामी प्रभुपाद कहा करते थे कि पेशेवर वक्ता कभी भी हरि कथा बोल ही नहीं सकता है। उनका उद्देश्य हरि की प्रसन्नता नहीं, बल्कि धन की प्राप्ति होता है।
श्री श्रीमद् भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज
श्री श्रीमद् भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज का संक्षिप्त परिचय
‘ऊदाहरण उपदेश से श्रेष्ठ है’ – यही आपकी प्रचार-शैली थी। जो कोई भी आपके श्रेष्ठ व्यक्तित्व के संपर्क में आया उसने आपकी जीवों के प्रति करुणा, पूर्ण वैराग्य, पूर्ण सहिष्णुता, गहन आध्यात्मिक आनंद, श्री गुरु में अनन्य विश्वास और श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रति पूर्ण भक्ति एवं समर्पण के भाव को स्पष्ट रूप से देखा। आप शास्त्रों के सिद्धांतों से बिंदुमात्र भी विचलित न होने के लिए जाने जाते हैं। आपके सभी के प्रति अनुरागशील स्वभाव और गुरु-वैष्णवों की सेवा के प्रति समर्पण जैसे गुणों के लिए आप कई गौड़ीय संस्थाओं के आचार्यों के लिए आदर्श हैं।
आज की तिथि - March 16, 2026
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मार्च 29, 2026
श्रीकामदा एकादशी का व्रत।
मार्च 30, 2026
द्वादशी , प्रातः 7:38 से पहले पारण।