
Today's Updesh
जीव, धर्म के लिए सूर्य, अर्थ के लिए गणेश, काम के लिए शक्ति एवं मोक्ष हेतु शिव की आराधना करता है। परन्तु वास्तव में यह पूजा नहीं है । बल्कि अपने आराध्य को अपनी कामनाओं की पूर्ति करने वाला सेवक मानना हो जाता है। सेवा किसे कहते हैं? यह जानना अत्यन्त आवश्यक है। केवल अपने आराध्य को आनन्द प्रदान करने का नाम ही सेवा है। श्रीहरि ही सबके मूल हैं। हम सभी उनके दास हैं। उनकी सेवा करने से ही सभी की सेवा करना हो जाता है।
प्रभुपाद
श्री श्रीमद् भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज का संक्षिप्त परिचय
‘ऊदाहरण उपदेश से श्रेष्ठ है’ – यही आपकी प्रचार-शैली थी। जो कोई भी आपके श्रेष्ठ व्यक्तित्व के संपर्क में आया उसने आपकी जीवों के प्रति करुणा, पूर्ण वैराग्य, पूर्ण सहिष्णुता, गहन आध्यात्मिक आनंद, श्री गुरु में अनन्य विश्वास और श्री चैतन्य महाप्रभु के प्रति पूर्ण भक्ति एवं समर्पण के भाव को स्पष्ट रूप से देखा। आप शास्त्रों के सिद्धांतों से बिंदुमात्र भी विचलित न होने के लिए जाने जाते हैं। आपके सभी के प्रति अनुरागशील स्वभाव और गुरु-वैष्णवों की सेवा के प्रति समर्पण जैसे गुणों के लिए आप कई गौड़ीय संस्थाओं के आचार्यों के लिए आदर्श हैं।
आज की तिथि - April 19, 2026
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अप्रैल 27, 2026
मोहिनी एकादशी का व्रत।
अप्रैल 28, 2026
द्वादशी , प्रातः पारण – चण्डीगढ़: सूर्योदय के बाद 10.07; पहले पारण।
30 अप्रैल गुरुवार 2026
श्रीनृसिंह चतुर्दशी उपवास।
1 मई | शुक्रवार
पारण – सूर्योदय के बाद तथा प्रातः 9.26 से पहले।