अपरिमेय कृतज्ञता भाव By srilagurudevaPosted on May 11, 2025Posted in दिव्या लीला अमृतNo Comments on अपरिमेय कृतज्ञता भाव
सेवा कार्यों में उनकी तत्परता By srilagurudevaPosted on May 11, 2025Posted in दिव्या लीला अमृतNo Comments on सेवा कार्यों में उनकी तत्परता
एक उत्तम प्रशासक By srilagurudevaPosted on May 3, 2025Posted in दिव्या लीला अमृतNo Comments on एक उत्तम प्रशासक
भक्तों की भावना ही उनके लिए सर्वोपरि है By srilagurudevaPosted on May 3, 2025Posted in दिव्या लीला अमृतNo Comments on भक्तों की भावना ही उनके लिए सर्वोपरि है
एक निपुण चिकित्सक By srilagurudevaPosted on May 3, 2025Posted in दिव्या लीला अमृतNo Comments on एक निपुण चिकित्सक
जीवों के प्रति उनकी विशुद्ध एवं अहैतुकी कृपा By srilagurudevaPosted on March 27, 2025Posted in दिव्या लीला अमृतNo Comments on जीवों के प्रति उनकी विशुद्ध एवं अहैतुकी कृपा
अपने गुरुदेव के महिमा वर्णन में उनकी तीव्र आसक्ति By srilagurudevaPosted on March 27, 2025Posted in दिव्या लीला अमृतNo Comments on अपने गुरुदेव के महिमा वर्णन में उनकी तीव्र आसक्ति
आचार्य-कुल के मुकुटमणि By srilagurudevaPosted on March 27, 2025Posted in दिव्या लीला अमृतNo Comments on आचार्य-कुल के मुकुटमणि