सदैव सत्यकथा के प्रचार में व्रती रहना । सत्-साहसी व्यक्तियों के भगवान् ही सहायक होते हैं। यदि सम्पूर्ण पृथ्वी असत् मार्ग पर चलने लग जाये तब भी हम उसका दासत्व नहीं करेंगे। पाप-प्रवृत्ति या असत्-कथा को किसी प्रकार का प्रश्रय देने के लिए जन्म नहीं ग्रहण किया है।

श्रील भक्ति प्रज्ञान केशव गोस्वामी महाराज
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